Home « भूल गये खुद को अब खुद से ही अनजान हैं

भूल गये खुद को अब खुद से ही अनजान हैं

January 29th, 2010 by lucky sai fan.
Click here to view the website/blog of lucky sai fan.

भूल गये खुद को अब खुद से ही अनजान हैं,
कभी जाने-पहचाने कभी अजनबी से इंसान हैं.

पल के साथी बने और पल के बने मेरे दोस्त,
क्या करे बयां जो खुद नहीं खुद के राजदान हैं.

फासले कम नहीं होते सफ़र के बाद सफ़र,
बहुत दूर मंजिल क्या बतायें कितना परेशान हैं.

मुस्कराहटें हैं खिलती कभी आंसुओ की बारिश,
जाने क्यों दिल वाले होते थोड़ा थोड़ा नादान हैं.

धुआं उठते देखते थे देखते थे चेहरा किसी का,
हो गये मिट्टी, वो मंज़र भी हो गये वीरान हैं.

कल जो ये राहें कुछ हँसते-हँसते बोलती थी,
दर्द-ओ-गम की लगी नज़र आज जो सुनसान हैं.

VN:F [1.9.1_1087]
Rate as a user:
Rating: 7.5/10 (2 votes cast)
भूल गये खुद को अब खुद से ही अनजान हैं, 7.5 out of 10 based on 2 ratings

One Response to “भूल गये खुद को अब खुद से ही अनजान हैं”

  1. [...] This post was mentioned on Twitter by rahulanand and Simply Poet, Simply Poet. Simply Poet said: New Post on SimplyPoet.com: भूल गये खुद को अब खुद से ही अनजान हैं http://simplypoet.com/?p=1725 [...]

RSS feed for comments on this post. And trackBack URL.

Leave a Reply