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ऐ मैना तू गुमसुम क्यूँ है ?

June 22nd, 2010 by rohit.
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Dedicated to all CAT aspirants 2009 (and for some of them 2010 ).

ऐ मैना तू गुमसुम क्यूँ है,
क्यूँ छत पे आना छोड़ दिया ?
क्यूँ तेरी आँखें अश्रु भरी,
क्यूँ गीत सुनना छोड़ दिया ?

क्या तेरे सपनो का घर,
कोई प्रोमेट्रिक तोड़ गया ?
या बीच सफ़र में हाथ तेरा,
प्रोफाइल सेलेक्शन छोड़ गया ?

क्या पता नहीं था तुम्हे प्रिये,
ये दुनिया कतई फेयर नहीं
ग्लोबल तकनीक के टाइम में
लोजिक और सेन्स की केयर नहीं ||

क्या हुआ अगर तू आज यहाँ,
सबसे ही अच्छा गाती है,
क्यूँ बचपन में तू पड़ी नहीं,
अब खुद को सुधारे जाती है ||

गर तू छोटे जंगल से है,
तो उनका कोई दोष नहीं,
वो ए सी कार के आदी हैं
पैदल चलने का होश नहीं ||

क्या कारन है, क्यूँ नंबर कम,
उनका कुछ सरोकार नहीं
गर तू सुधारी, तेरी गलती
उनपे तेरा उपकार नहीं ||

पर ऐ मैना, आगे सुन ले
पिक्चर थोरी सी बाकी है,
माला से फूल नहीं बनते,
वोह उनसे गूंथी जाती है ||

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4 Responses to “ऐ मैना तू गुमसुम क्यूँ है ?”

  1. rahul says:

    awesome my friend..and best of luck for mock cats :)

  2. rohit says:

    :) thanks yaar, but FYI I am already joining FMS this season …..

  3. rahul says:

    wow congrats dude..that calls for a treat :) ..beat of luck for all your future endeavors

  4. padmsingh says:

    सुन्दर!

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